कुछ लोग मानते हैं कि 1969 की मून लैंडिंग असली नहीं थी...

1.  कुछ लोग मानते हैं कि 1969 की मून लैंडिंग असली नहीं थी...

उतर-  सुन भाई, 1969 में इंसान चाँद पर गया, फिर 6 बार और गया, 12 लोग उतरे, 1972 में Apollo 17 के बाद अमेरिका ने बोला काम पूरा, USSR को पछाड़ा, अरबों डॉलर खर्च हो चुके, अब मंगल सोचो, इसलिए रुक गए, ये कोई बस की टिकट नहीं कि हर हफ्ते चलाओ, चाँद पर इंसान भेजना सबसे महंगा खेल है, Apollo मिशन में आज के हिसाब से 250 अरब डॉलर लगे, हर साल जलाएंगे क्या? इसलिए NASA अब Artemis Mission से 2026 में दोबारा इंसान भेजेगा, अभी Artemis |

गया, Artemis II 2025 में जाएगा, Artemis III में इंसान उतरेगा, SpaceX भी भेजेगा, भारत-चीन क्यों नहीं भेजे ? क्योंकि रोबोट भेजना सस्ता है, सुरक्षित है, डेटा देता है, इंसान भेजना हाई रिस्क है, तो पहले तैयारी कर रहे हैं, टेक्नोलॉजी आज सुपर है, इसलिए अब पक्के बेस बनाने की तैयारी है, न कि झंडा गाड़ के सेल्फी लेने की, अब पूछते हो कोई क्यों नहीं गया? भाई हर चार साल में ओलंपिक होता है, रोज नहीं, वैसे ही चाँद पर इंसान भेजना हर हफ्ते का खेल नहीं, फंडिंग, पॉलिटिक्स, प्रायोरिटी होती है, NASA फेल नहीं हुआ, स्मार्ट हो गया, अब चाँद पर जाना मतलब टूरिज्म नहीं, बस्ती बसाने की तैयारी, और तुम पूछते हो क्यों नहीं गया कोई, तो बैठो 2026 तक पॉपकॉर्न लेकर, फिर पूछना "कोई चाँद पर गया?"

2.  चाँद पर इंसान कब गया था?

उत्तर-  bbc news के अनुसार मेरिका के नील आर्मस्ट्रांग और बज़ ऑल्ड्रिन 1969 में चांद पर क़दम रखने वाले पहले मनुष्य थे.







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